Subject- Prayojanmulak hindi
1. संचार भाषा हिन्दी (Media/Communication Hindi)
वह हिन्दी जिसका प्रयोग आधुनिक संचार माध्यमों (जैसे समाचार पत्र, रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट और सोशल मीडिया) में सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए किया जाता है।
- परिभाषा: जनमानस तक सूचना पहुँचाने के लिए प्रयुक्त सरल और प्रभावी हिन्दी को संचार भाषा कहते हैं।
- विशेषताएँ:
- इसमें भाषा सरल, सुबोध और संक्षिप्त होती है ताकि आम आदमी समझ सके।
- समयानुकूल अंग्रेजी या क्षेत्रीय शब्दों का प्रयोग स्वीकार्य होता है।
- इसमें 'डेडलाइन' और तत्कालिता का महत्व होता है।
2. संपर्क भाषा हिन्दी (Link Language Hindi)
जब दो अलग-अलग भाषा बोलने वाले व्यक्ति आपस में बातचीत करने के लिए हिन्दी का सहारा लेते हैं, तो उसे संपर्क भाषा कहा जाता है।
- परिभाषा: वह भाषा जो विभिन्न भाषाई समूहों के बीच सेतु (पुल) का कार्य करती है।
- विशेषताएँ:
- यह भौगोलिक सीमाओं को तोड़कर पूरे देश को जोड़ती है।
- इसका व्याकरणिक स्वरूप लचीला होता है (जैसे दक्षिण या पूर्वोत्तर भारत में बोली जाने वाली हिन्दी)।
- यह सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय अखंडता को बढ़ावा देती है।
3. सृजनात्मक भाषा हिन्दी (Creative Hindi)
साहित्यिक रचनाओं में प्रयुक्त होने वाली वह हिन्दी जिसमें लेखक अपनी कल्पना, संवेदना और मौलिकता को व्यक्त करता है।
- परिभाषा: कविता, कहानी, उपन्यास, नाटक आदि के माध्यम से भावनाओं को अभिव्यक्त करने वाली भाषा।
- विशेषताएँ:
- इसमें शब्द शक्तियों (अभिधा, लक्षणा, व्यंजना) और अलंकारों का प्रयोग होता है।
- यह भाषा भावात्मक, प्रतीकात्मक और कलात्मक होती है।
- इसमें नए प्रयोगों और शब्दों के सृजन की अपार क्षमता होती है।
हिन्दी के इन रूपों के बारे में और अधिक विस्तार से जानने के लिए आप केंद्रीय हिन्दी निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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